Sunday, June 13, 2010

प्रियतम होते पास अगर

प्रियतम होते पास अगर
मिट जाती वो प्यास जिगर

ढ़ूँढ़ रहा हूँ मैं बर्षों से
प्यार भरी वो खास नजर

टूटे दिल की तस्वीरों का
देता है आभास अधर

गिरकर रोज सम्भल जाएं तो
बढ़ता है विश्वास मगर

तंत्र कैद है शीतल घर में
जारी है संत्रास इधर

लोगों को छुटकारा दे दो
बन्द करो बकवास खबर

टूटे सपने सच हो जाएं
सुमन हृदय एहसास अगर

26 comments:

  1. अच्छा लिखा है आपने

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  2. श्यामल जी - आपके एक एक शेर कुछ न कुछ खास संकेत दे रहे हैं। एक तरफ आप कहते हैं कि -

    ढ़ूँढ़ रहा हूँ मैं बर्षों से
    प्यार भरी वो खास नजर

    टूटे दिल की तस्वीरों का
    देता है आभास अधर

    तो दूसरी ओर आत्म विश्ववास को जगाने वाली ये पंक्तियाँ -

    गिरकर रोज सम्भल जाएं तो
    बढ़ता है विश्वास मगर

    फिर तंत्र पर चोट करती ये पंक्तियाँ -

    तंत्र कैद है शीतल घर में
    जारी है संत्रास इधर

    लोगों को छुटकारा दे दो
    बन्द करो बकवास खबर

    और अन्त में आशावाद की झलक -

    टूटे सपने सच हो जाएं
    सुमन हृदय एहसास अगर

    बहुत बहुत बधाई और आशीर्वाद इस छोटे बहर की सुन्दर गजल के लिए।

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  3. गिरकर रोज सम्भल जाएं तो
    बढ़ता है विश्वास मगर..

    श्यामल जी बहुत खूब...बेहद प्रभावशाली पंक्तियाँ..बधाई स्वीकारें

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  4. गिरकर रोज सम्भल जाएं तो
    बढ़ता है विश्वास मगर

    " कितना आत्मविश्वास है इन पंक्तियों में.."

    regards

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  5. बधाई
    प्रियतम होते पास अगर
    मिट जाती है प्यास जिगर
    ढूंढ रहा हूँ मै वर्षों से
    प्यार भरी वो खास नज़र
    बहुत ही मन को छू लेने वाले शेर लिखे
    धन्यवाद

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  6. गिरकर रोज सम्भल जाएं तो
    बढ़ता है विश्वास मगर
    सुमन जी , ये पंक्तियाँ -आशा और निराशा के बीच की कड़ी हैं । नाउम्मीद से उम्मीद की ओर ले जाती हुई ।
    बहुत बढ़िया ।

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  7. गिरकर रोज सम्भल जाएं तो
    बढ़ता है विश्वास मगर
    बहुत खूब .. सटीक

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  8. टूटे सपने सच हो जाएं
    सुमन हृदय एहसास अगर
    Aisa aashwaad aapki har rachna me jhalkta hai...yahi kamal hai!

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  9. टूटे सपने सच हो जाए हृदय हो एहसास अगर ...
    ये अहसास ही हैं जो सपनों को हकीकत सा आभास देते हैं ...!!

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  10. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुतीकरण ।

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  11. ये तो मृग-तृष्णा वाली बात करदी आपने.
    प्रियतम तो आपके सबसे पास, आपके दिल में ही हैं,
    और कहाँ होंगे????

    बहुत बढ़िया,
    धन्यवाद.
    WWW.CHANDERKSONI.BLOGSPOT.COM

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  12. काश मीडिया वाले आपकी बात मान लें...

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  13. कितना सुन्दर... वाह वाह

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  14. सुन्दर लिखा सर... वो ग़ज़ल भी है ना 'आप जिनके करीब होते हैं.. वो बड़े खुशनसीब होते हैं..'

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  15. शानदार रचना। आभार्……।

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  16. मैं जो कहना चाह रही थी,गुड्डो दी ने कह दी है...उनके कथ्य को मेरा भी समझा जाय...

    लाजवाब रचना ,सदैव की भांति...

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  17. गिरकर रोज सम्भल जाएं तो
    बढ़ता है विश्वास मगर

    यूं आदमी को जिन्दगी के दर्द का अहसास है।
    पर जी रहा है इसलिए क़ल पर उसे विश्वास है

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  18. shandaar shandaar bhoot khoob wah kya kahne.
    http://udbhavna.blogspot.com/

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  19. टूटे दिल की तस्वीरों का ..देता है आभास अधर..जी बहुत सुन्दर

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  20. प्रियतम होते पास अगर
    मिट जाती हैप्यास जिगर
    ढूंढ रहाँ हूँ वर्षों से
    प्यार भरी वो खास नज़र

    बहुत ही मन भायी पंक्तियाँ

    दिल पे हाथ रखे रह जाते हैं
    किसी को यूं प्यासा नहीं रखते
    लहरों में जब तडफ़ उछाल हो तो
    प्रेम सागर से शरारत नहीं करते

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  21. तंत्र कैद है शीतल घर में
    जारी है संत्रास इधर
    वाह जी वाह
    लोह स्तंभ चाँद को सजा लिया है
    उतर गई आँखों की झील सीने में
    नशा ऐसा चढा दो दीवानों को
    सुर सुरा सुन्दरी के साथ पीने में

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  22. ढ़ूँढ़ रहा हूँ मैं बर्षों से
    प्यार भरी वो खास नजर

    टूटे दिल की तस्वीरों का
    देता है आभास अधर

    सुंदर पंक्तियाँ
    प्रश्न क्या मिल गयी ?
    प्यार की वो खास नज़र

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  23. वाह!! बहुत उम्दा!!

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