मनोरमा
Wednesday, September 30, 2026

हार मिली कि हार मिला?

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हार  मिली  कि  हार मिला, दोनों है स्वीकार। एक  हार  में   सीख  तो,  एक  हार  श्रृंगार।। हार  जीत कुछ भी नहीं, यह मन का विज्ञान। हर चीजों का ...
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Wednesday, September 2, 2026

अच्छा है पर कभी कभी

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बड़े - बुजुर्गों  को समझाना, अच्छा है पर कभी कभी  बच्चे को भी आँख दिखाना, अच्छा है पर कभी कभी  ज्ञान - वमन  अक्सर वो करते, जिनका ज्ञान अधूरा...
Wednesday, August 26, 2026

वन्देमातरम

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राष्ट्रवाद  का   दौर   है  भाई,  बोलो  वन्देमातरम मंदिर   तक  में   लूट  मचाई,  बोलो  वन्देमातरम  दिशाहीन जब  होती सत्ता, छात्र उतरते सड़कों...

भगोड़ा

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भागो! और भागो। जहाँ तक जी चाहे। भागते रहो। भागो!  जोर जोर से भागो। कभी घर से, तो कभी अपनी  वैयक्तिक जिम्मेवारियों से, भागो! एक भगोड़े की तरह...
Saturday, February 14, 2026

यादें पुरानी दे दो

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रिश्ता   बहुत   पुराना,  यादें   पुरानी  दे  दो धरती  तरस  रही  है, कुछ तो निशानी दे दो पिघलो  जरा ऐ  बादल, रोना शुरू करो तुम  प्यासी  धरा प...
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अपने बारे में -

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श्यामल सुमन
जमशेदपुर, झारखण्ड (भारत), India
क्या कहूँ अपने से अपने ही बारे में? इस प्रतियोगी युग में जीने के लिए लगातार कार्यरत एक जीवित-यंत्र, जिसे सामान्य भाषा में आदमी कहा जाता है और जो इसी आपाधापी से कुछ वक्त चुराकर अपने भोगे हुए यथार्थ की अनुभूतियों को समेट, शब्द-ब्रह्म की उपासना में विनम्रता से तल्लीन है - बस इतना ही।
शिक्षा - एम० ए० (अर्थशास्त्र)
तकनीकी शिक्षा - विद्युत अभियंत्रण मे डिप्लोमा
सम्प्रति - प्रशासनिक पदाधिकारी टाटा स्टील, जमशेदपुर
रुचि के विषय : नैतिक-मानवीय मूल्य एवं सम्वेदना
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