Tuesday, November 24, 2009

मतलब

मतलब पर मत लव को खोल।
हो सकता है सब कुछ गोल।
मतलब पूरे तो मिठास संग,
लव खोलो, मत लब लब बोल।।

19 comments:

Udan Tashtari said...

लव खोलो, मत लब लब बोल।।


-सटीक!!

Babli said...

आपकी टिपण्णी के लिए बहुत बहुत शुक्रिया! इतनी सुंदर पंक्तियाँ लिखा है आपने की खुशी से मन भर गया!
वाह वाह अत्यन्त सुंदर ! बिल्कुल सही कहा है आपने! इस छोटी सी प्यारी सी उम्दा रचना के लिए बधाई!

पी.सी.गोदियाल said...

waah !

श्रीश पाठक 'प्रखर' said...

शब्द-शब्द में सार ..!

योगेश स्वप्न said...

waah!

Anil Pusadkar said...

कम शब्दों मे ज्यादा बड़ी बात्।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बढ़िया रहा मतलब का चमत्कार!

Kusum Thakur said...

बस वाह !!

Apanatva said...

chotee see pyaree rachana .

रश्मि प्रभा... said...

waah

धीर. said...

bahut sundar लव खोलो, मत लब लब बोल
mere blog tak aane ke liye aapka aabhari hooo

डॉ टी एस दराल said...

वाह, सुमन जी वाह।
चंद शब्दों में पूरा लेख ।
बहुत बढ़िया रहा।

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

लव खोलो, मत लब लब बोल।

बिल्कुल सटीक बात्!

मनोज कुमार said...

दिलचस्प।

श्यामल सुमन said...

टिप्पणी का आभार सभी को
सुमन हृदय में अमृत घोल

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

M VERMA said...

बहुत सुन्दर

ज्ञानदत्त G.D. Pandey said...

वाह!

राज भाटिय़ा said...

बहुत खुब जी

'अदा' said...

लव खोलो, मत लब लब बोल

कब शब्द और अर्थ अगाध...
भईया की कलम चले निर्बाध...

हाल की कुछ रचनाओं को नीचे बॉक्स के लिंक को क्लिक कर पढ़ सकते हैं -
विश्व की महान कलाकृतियाँ- पुन: पधारें। नमस्कार!!!