Wednesday, February 3, 2010

सृजन हमेशा करना है

एक न एक दिन मरना है
हर पल फिर क्यों डरना है

अर्थ निकलता तब जीवन का
सृजन हमेशा करना है

सुख तो सबको प्यारे लगते
दुख में नहीं बिखरना है

पग-पग पर सागर सम बाधा
हमको पार उतरना है

गलती का मानव कठपुतला
नित नित हमें सुधरना है

क्षणिक चमक हो भले झूठ में
सच से नहीं मुकरना है

अगर आपको सुमन चाहिए
काँटों बीच गुजरना है

18 comments:

Udan Tashtari said...

बहुत उम्दा!

निर्मला कपिला said...

चहुँ ओर नदियों सी बाधा
हमको पार उतरना है

गलती का मानव कठपुतला
नित नित हमें सुधरना है
बहुत दिन से ब्लागवुड कुछ सूना स लग रहा था देखा तो मेरे भाई सुमन जी आज कल दिख नही रहे थे आज आपकी पोस्ट देखी तो मन प्रसन्न हो गया बहुत अच्छीरचना है प्रेरणा देती हुयी, सीख देती हुयी। बधाई

वाणी गीत said...

अगर सुमन चाहिए काँटों के बीच गुजरना है ...प्रेरणास्पद प्रविष्टि ...!!

हृदय पुष्प said...

जीवन सार - सच्चे जीवन संदेशों से ओत प्रोत शानदार रचना - धन्यवाद्
"क्षणिक चमक हो भले झूठ में
सच से नहीं मुकरना है"

वन्दना said...

waah waah .........bahut hi sundar prastuti........jeevan ka saar prastut kar diya.

pls read : http://vandana-zindagi.blogspot.com

guddo said...

श्यामल जी
सदा सुखी रहो
क्या लिक्खूँ कौन सी पंक्ति पर लिक्खूँ पूरे गीत गजल में
आपने जिंदगी की हकीकत और सार्थकता को बहुत ही कारीगरी से समेटा है इस में श्यामल जी सचमुच आप शब्दों को जी जी कर लिखते हैं तभी तो इतने जीवंत लगते है आपके शब्द और दूसरों के ह्रदय- तार को छू जाते हैं आप यूं ही लिखते रहें
अनन्त शुभ कामनायों के साथ
गुड्डो दादी चिकागो से

पी.सी.गोदियाल said...

क्षणिक चमक हो भले झूठ में
सच से नहीं मुकरना है

अगर आपको सुमन चाहिए
काँटों बीच गुजरना है

बहुत खूब, सुन्दर सीख !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर और शिक्षाप्रद गीत लिखा है आपने!

रश्मि प्रभा... said...

tab ho sakta hai kanton se bhi phul ki khushboo aaye

रंजना said...

चहुँ ओर नदियों सी बाधा
हमको पार उतरना है

वाह...क्या बात कही आपने...

प्रत्येक पद में जीवन का सुखसार बाँध कर अनुकरण हेतु यहाँ रख दिया है आपने...इन्हें व्यवहार में यदि उतार लिया जाय तो फिर क्या कहना ...
शिक्षाप्रद ,प्रेरणादायक अतिसुन्दर रचना...

योगेश स्वप्न said...

bahut khoob.

मनोज कुमार said...

यथार्थबोध के साथ कलात्मक जागरूकता भी स्पष्ट है।

चन्द्र कुमार सोनी said...

excellent.
thanks.
www.chanderksoni.blogspot.com

चन्द्र कुमार सोनी said...

excellent.
thanks.
www.chanderksoni.blogspot.com

श्यामल सुमन said...

प्यार मिला आभार आपका
इससे मुझे निखरना है

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman. blogspot. com

M VERMA said...

अगर आपको सुमन चाहिए
काँटों बीच गुजरना है
बेहद खूबसूरत भाव

संजय भास्कर said...

हर रंग को आपने बहुत ही सुन्‍दर शब्‍दों में पिरोया है, बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

संजय भास्कर said...

बहुत खूब, सुन्दर सीख !

हाल की कुछ रचनाओं को नीचे बॉक्स के लिंक को क्लिक कर पढ़ सकते हैं -
विश्व की महान कलाकृतियाँ- पुन: पधारें। नमस्कार!!!