Sunday, April 30, 2017

नहीं हँसता नहीं मैं रो सकता

तेरे हर गम को बेअसर कर दूँ
अपने जज्बात की खबर कर दूँ
नहीं मुमकिन है अब जुदा होना
अपनी नजरें, तुझे नजर कर दूँ

नहीं हिम्मत, तुझे मैं खो सकता
नहीं दूजे का ही मैं हो सकता
तेरी बंदिश, मेरी इबादत है
नहीं हँसता नहीं मैं रो सकता

मुझे, तेरी बहुत जरूरत है
बन्द आँखों में तेरी सूरत है
खुली पलकों से तुझे देखूँ तो
मेरी खातिर वो शुभ मुहुरत है

तुझे पाने को हर जतन होगा
जहाँ तू होगी, मेरा मन होगा
आईना जब तुझे चिढ़ाने लगे
तेरे पीछे खड़ा सुमन होगा 

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