Saturday, January 14, 2012

बात ये अच्छी नहीं

दूसरे का दिल दुखाना, बात ये अच्छी नहीं
हर हमेशा खिलखिलाना, बात ये अच्छी नहीं

दिल के हर हालात का, इक अक्स चेहरे पर लिखा
मौत पर भी गुनगुनाना, बात ये अच्छी नहीं

'थैंक्स' कहते लोग अक्सर ग़मज़दा सूरत लिए
हँस के 'सारी' बोल जाना, बात ये अच्छी नहीं

हँस के चुप होते सभी, जब गलतियाँ खुद ही करे
दूसरे पे तिलमिलाना, बात ये अच्छी नहीं

सीख देते हैं सुमन जब दूसरों को वक्त पर
और अपने से बहाना, बात ये अच्छी नहीं

17 comments:

अजय कुमार झा said...

बहुत ही बेहतरीन शिल्प श्यामल भाई , वाह ।

अनुपमा त्रिपाठी... said...

बात ये अच्छी नहीं ....
बार बातें ये अच्छी लगीं ...

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत खूब, बहुत अच्छी

vidya said...

good one...

Amit Chandra said...

सीख देते हैं सुमन जब दूसरों को वक्त पर
और अपने से बहाना, बात ये अच्छी नहीं

बेहतरीन गज़ल. मज़ा आ गया.

sushma 'आहुति' said...

बहुत ही खुबसूरत
और कोमल भावो की अभिवयक्ति......

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

हँस के चुप होते सभी, जब गलतियाँ खुद ही करे
दूसरे पे तिलमिलाना, बात ये अच्छी नहीं

बढ़िया गज़ल ..

गुड्डोदादी said...

श्यामल
आशीर्वाद

हँस के चुप होते सभी, जब गलतियाँ खुद ही करे
दूसरे पे तिलमिलाना, बात ये अच्छी नहीं

मंहगाई का बढ़ना दिन दिन यह बात अच्छी नहीं
मुख में राम बगल में छुरी यह बात अच्छी नहीं

बहुत अनोखी

काजल कुमार Kajal Kumar said...

वाह जी बहुत बढ़िया

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

बढ़िया प्रस्तुति...
आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा कल दिनांक 16-01-2012 को सोमवारीय चर्चामंच पर भी होगी। सूचनार्थ

सुनील दत्त said...

अच्छी बात

गुड्डोदादी said...

श्यामल आशीर्वाद
फेसबुक पर टिप्णिया
.
Guddo Dadi

Saturday, January 14, 2012

बात ये अच्छी नहीं

दूसरे का दिल दुखाना, बात ये अच्छी नहीं
हर हमेशा खिलखिलाना, बात ये अच्छी नहीं

दिल के हर हालात का, इक अक्स चेहरे पर लिखा
मौत पर भी गुनगुनाना, बात ये अच्छी नहीं

'थैंक्स' कहते लोग अक्सर ग़मज़दा सूरत लिए
हँस के 'सारी' बोल जाना, बात ये अच्छी नहीं

हँस के चुप होते सभी, जब गलतियाँ खुद ही करे
दूसरे पे तिलमिलाना, बात ये अच्छी नहीं

सीख देते हैं सुमन जब दूसरों को वक्त पर
और अपने से बहाना, बात ये अच्छी नहीं
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Arjan Mirchandani, Rukmanand Sen, Baldev Singh Rathore and 17 others like this..

Chetan Ramkishan Dadi maa,bahut anukarneey aapki rachna.
11 hours ago · Like.

Yogesh Sarwad Dadi ji,
Sadar Charan Vandan
Bahut sundar rachna
9 hours ago · Like.

Kirtivardhan Agarwal bbat ye achchhi nahi........bahut khoob.aayane me surat dikh di
9 hours ago · Like.

Vishnu Tiwari hummmmmmmmmmmmm.
9 hours ago · Like.

Rajesh Kumari bahut umda likha hai.
9 hours ago · Like.

Viren Singh Bahut khoob kahi....
9 hours ago · Like.

Guddo Dadi क्षमा कविता का अनुसरण कवि श्यामल सुमन जी की अनुमति से
8 hours ago · Like · 1.

Darshan Kaur Dhanoe bahut badhiya dadi ....
8 hours ago · Like.


Hidayat Khan Sunday is a great smiling day. Have fun and enjoy it!!!
May you be healthy, blessed and prosperous today!!!.
Sunday is an outstanding day….
Never miss Sunday…..

Happy Sunday Dadi...
7 hours ago · Like.

Anurag Jagdhari Dadi,ye aapne likhi hai???Jisne bhi likhi hai bahut achhi likhi hai..Thank you Dadi.
7 hours ago · Like.


Sanjay Vashisth Bahut achhi Panktiya..
6 hours ago · Like.

Saawan Upadhyaya Dadi ji,Pranam.Suman ji ki anmol panktiyo ko ap jaise vishleshak ke dwara padhana..bahut khub...apka putra SAAWAN....
6 hours ago · Like.

Vandana Gupta bahut sundar rachana sikh deti huyi
5 hours ago · Like · 1.

Baldev Singh Rathore Ati sundar h..
2 hours ago · Like.

रचना दीक्षित said...

बहुत सुंदर प्रस्तुति. कोमल और संवेदनशील बह्वाभिव्यक्ति. शुभकामनायें.

RITU said...

निश्चय ही आपकी कविता में कही हुई साड़ी बातें सच हैं..
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है..
kalamdaan.blogspot.com

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

बढ़िया गज़ल,वाह !!!

परी देश की शह्जादी said...

सुंदर प्रस्‍तुति !!

Unknown said...

Bahut hi chubhne wali baaten atyant saral tareeke se kaha..prashansaniya Shyamalji.

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