Wednesday, September 11, 2013

अगला राजा कौन

प्रश्न उछलता रोज ही, अगला राजा कौन।
राजा चुनते जो सुमन, वह जनता है मौन।।

मेरा दल अच्छा बहुत, चुनकर भेजें आप।
राहुल या मोदी बने, जनता पर अभिशाप।।

नीति योजना है नहीं, सब करते बकवास।
दशकों में टूटा सुमन, जनता का विश्वास।।

ठंढा घर में बैठकर, करे गरीबी दूर।
शोषण है जारी सुमन, जनता है मजबूर।।

भोजन, कपड़ा, घर सुमन, यही चाहते आम।
मँहगाई नित बढ़ रही, कोई नहीं लगाम।।

लोगों में हो एकता, मिल सब करना चोट।
चेत सुमन उस वक्त पे, जब ये माँगे वोट।।

6 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

राजा की ही बात हो रही,
राज व्यवस्था रात हो रही।

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

क्या बात!

Anonymous said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति..

क्या बतलाऊँ अपना परिचय ..... - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल - अंकः004

थोडी सी सावधानी रखे और हैकिंग से बचे

Anonymous said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति..

क्या बतलाऊँ अपना परिचय ..... - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल - अंकः004

थोडी सी सावधानी रखे और हैकिंग से बचे

Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" said...

सुमन जी ..जनता जब तक जागेगी नहीं कुछ होने वाला नहीं है /शानदार ग़ज़ल . हार्दिक बधाई

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

सुंदर सृजन ! वाह !बहुत बेहतरीन प्रस्तुति !!

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