Sunday, April 30, 2017

सीख, हार से जीत मुसाफिर

पहले पढ़ना कर्म मुसाफिर
तब लेखन है धर्म मुसाफिर
उड़ा लिया दूजे की रचना
तब तो ये दुष्कर्म मुसाफिर
                       
है लेखन में वाद मुसाफिर
करते लोग विवाद मुसाफिर
प्रतिभाएं उलझीं तर्कों में
जिसका है अवसाद मुसाफिर

लिखो, मिलेंगे फूल मुसाफिर
सम्भव मिलना धूल मुसाफिर
आदम को इन्सान बनाना
हो रचना का मूल मुसाफिर
               
सबकी अलग दुकान मुसाफिर
चाह, मिले नादान मुसाफिर
स्वारथ में लेखकगण भूले
लेखन कार्य महान मुसाफिर

बड़े बड़े हैं नाम मुसाफिर
देखा उनके काम मुसाफिर
नहीं आचरण, जैसा लिखते
जय जय सीताराम मुसाफिर
                                 
प्रायोजित सम्मान मुसाफिर
लेखन का अपमान मुसाफिर
भिड़े हुए सब इस जुगाड़ में
मिले कहीं जजमान मुसाफिर

सीख, हार से जीत मुसाफिर
बनो सुमन के मीत मुसाफिर
गाये जाये लोक - कंठ में
लिखना वैसा गीत मुसाफिर

No comments:

हाल की कुछ रचनाओं को नीचे बॉक्स के लिंक को क्लिक कर पढ़ सकते हैं -
विश्व की महान कलाकृतियाँ- पुन: पधारें। नमस्कार!!!