Sunday, April 30, 2017

है प्यार जिन्दगी

जो कुछ मिला है अबतक मंजूर जिन्दगी
लेकिन कभी है पास कभी दूर जिन्दगी
रोते हैं लोग कितने कोशिश किए बिना
मानो यकीन उनकी  नासूर जिन्दगी

लगता है कुछ की खातिर अभिमान जिन्दगी
देते हैं कुछ तो मुफ्त में ही जान जिन्दगी
जीवन के फलसफे से है सीखना जिसे
उसके लिए तो सचमुच अभियान ज़िन्दगी

कर लो विचार गौर से है जोश जिन्दगी
लेकिन कई तो जीते बेहोश जिन्दगी
लेखन तभी सफल जो बेहोश जग सकें
जी ले सम्भल के यारों है होश जिन्दगी

है आसमाँ खुला और संसार जिन्दगी
फिर भी कई क्यों जीते लाचार जिन्दगी
दहशत कहीं पे यारों नफरत के बीज भी
लेकिन सुमन की खातिर है प्यार जिन्दगी

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