Monday, December 26, 2011

बचेगा, कैसे भारत देश?

है कुदाल सी नीयत प्रायः, बदल रहा परिवेश।
बचेगा, कैसे भारत देश?

बड़े हुए लिख, पढ़ते, सुनते, यह धरती है पावन।
जहां पे कचड़े चुन चुन करके, चलता लाखों जीवन।
दिल्ली में नित होली दिवाली, मगर गाँव में क्लेश।
बचेगा, कैसे भारत देश?

है रक्षक से डर ऐसा कि, जन जन चौंक रहे हैं।
बहस कहाँ संसद में होती, लगता भौंक रहे हैं।
लोकतंत्र के इस मंदिर से, यह कैसा सन्देश?
बचेगा, कैसे भारत देश?

दे विकास का नारा, पोस्टर, बोल रहे मंचों से
फिर क्यों हालत बदतर जन की पूछो सरपंचों से
है गरीब भारत फिर कैसे, पैसा गया विदेश?
बचेगा, कैसे भारत देश?

सजग सुमन हों अगर चमन के, होगा तभी निदान।
भाई भी हो भ्रष्ट अगर तो, क्यों उसका सम्मान?
आजादी के नव-विहान का, निकले तभी दिनेश।
बचेगा, कैसे भारत देश।।

8 comments:

Anupama Tripathi said...

gahan ..soch deti hui sarthak rachna ...!!badhai ..

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा कल दिनांक 28-12-2011 को चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

गुड्डोदादी said...

श्यामल
आशीवाद
लोकतंत्र के इस मंदिर से, यह कैसा सन्देश?
कैसे बचेगा भारत देश?

जहां पे कचड़े चुन चुन करके, चलता लाखों जीवन।
जन और देश की व्यथा है नहीं घटने वाला कलेश

गुड्डोदादी said...

श्यामल
आशीर्वाद
है कुदाल सी नीयत प्रायः, बदल रहा परिवेश।
कैसे बचेगा भारत देश?

कुदाल ही जड़ लोभ लालच की खुरपी बन जाते तो बच जाता घर परिवार और देश देश

दिगम्बर नासवा said...

है रक्षक से डर ऐसा कि, जन जन चौंक रहे हैं।
बहस कहाँ संसद में होती, लगता भौंक रहे हैं ..

सच कहा है सुमन जी ... हालात लगातार गिर रहे हैं देश की और ऐसे में आपकी चिंता वाजिब है ...

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

चिंता स्वाभाविक ही है. बढ़िया रचना.

Unknown said...

चिँतनीय विषय । खैर कुछ आशा के किरण नजर आ रहे है । आप अपनी ही कविता पर नज़र डाल कर तस्सली दे सकते है खुद को कि , अब तिहार मेँ कितने मंत्री , बतियाते आपस मेँ संतरी ।
जाने और न कितने आये , क्या तिहार संसद बन जाये ?
.
एक और ऊम्दा रचना ।

Unknown said...

▬● अच्छा लगा आपकी पोस्ट को देखकर... साथ ही यह ब्लॉग देखकर भी अच्छा लगा... काफी मेहनत है इसमें...
नव वर्ष की पूर्व संध्या पर आपके लिए सपरिवार शुभकामनायें...

मेरे ब्लॉग्स की तरफ भी आयें तो मुझे बेहद खुशी होगी...
[1] Gaane Anjaane | A Music Library (Bhoole Din, Bisri Yaaden..)
[2] Meri Lekhani, Mere Vichar..
.

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